तमनार दारू भट्ठी में चल रहा अपना दुकान अपना हिसाब ..............

सूरज बेहरा के साथ भूपेंद्र की रिपोर्ट......


तमनार दारू भट्ठी काफी सुर्खियों में रहता है कुछ महीनो पहले ही रेट लिस्ट में मनमानी  के लिए काफी शिकायत के बाद दारू के रेट में सुधार देखने को मिला था लेकिन पता नहीं क्यों कुछ दिन बीतने के बाद ही फिर वही पुराना दारू लाकर 180 के रेट  दारू 220 में बेचा जा रहा है और उस पर कोई कुछ बोलता है तो दादागिरी करने पर उतर जाते है काउंटर वाले और खास बात ये है की हमेशा काउंटर वाले नशे में धुत नजर आते है ....


           नशे के हालत में काउंटर के कर्मचारी 

सोचने लायक बात तो ये भी है कि कोरोना महामारी के इस दौर में हर जगहों मे सामाजिक दूरी के साथ साथ मास्क लगाना भी जरूरी है लेकिन दारू की दुकान में न कोई सामाजिक दूरी है न कोई मास्क पहना नजर आ रहा। हर चीज को  एम.आर.पी. रेट से ज्यादा बेचना गैर कानूनी है तो खुलेआम चल रहा दारू का काला कारोबार पर कोई कार्यवाही क्यों नहीं हो रहा  कोरोना काल के समय भी सब दुकानें बंद करके दारू दुकानें खोलने का परमिशन देकर और रेट से ज्यादा मे दारू बेचकर आखिर क्या चाहता है सरकार ये तो समझ पाना सब के लिए एक अनोखी पहेली बनकर रह गई है।

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