छत्तीसगढ़ के लैलूंगा ब्लॉक में धान खरीदी में व्याप्त गंभीर अव्यवस्था और कांग्रेस सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ धरना प्रदर्शन.............. देखिए क्या है पूरा मामला.............👇👇👇👇

 पीतांबर यादव के साथ अनिल कुमार की रिपोर्टिंग :-


छत्तीसगढ़ में धान खरीदी में व्याप्त गंभीर अव्यवस्था और कांग्रेस सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ धरना 

भूपेश जनित समस्या से किसान त्रस्त - ओ पी चौधरी


लैलूंगा- छत्तीसगढ़ में जंगल की सबसे कीमती चिरौंजी को नमक के बदले बेच देते थे,उस दर्द को 50 साल बाद रमन सरकार ने समझा और नमक मुफ्त में दिया। ये भूपेश सरकार छत्तीसगढ़या सरकार होने के खोखला दावा कर रही है।सही समय मे धान खरीदी होती थी खलिहान से ही धान मंडी पहुंचता था।कोठार की जरूरत नही होती थी। और अब भूपेश सरकार में आज 1 दिसम्बर से खरीदी हो रही है जिससे किसान बारिश आदि से भयभीत है और कोठार की दुबारा व्यवस्था करना पड़ रहा है।किसान भूपेश जनित समस्या से परेशान हो गए है।उनमे से एक रकबा चोरी समस्या है।जब टैक्स और लगान खेत की मेड़ का भी पटाया जा रहा है तो किसान के धान की खरीदी में रकबा क्यो काटा जा रहा है।रकबा नही जुड़वा सकते तो विधायक और मुख्यमत्री को इस्तीफा दे दो।साथ ही "वापस करो रकबा,धान खरीदो सबका" का नारा दिया।उन्होंने आगे कहा कि भूपेश जनित दूसरी समस्या है बारदाना । विगत भाजपा की पंद्रह साल की सरकार में बारदाना की कभी समस्या नही आयी।और अब भुपेश सरकार में "खाय बर होरा नई है खरीदे बर बोरा नई हे" बारदाना के लिए भुपेश जनित समस्या से त्रस्त हो गए है।



भाजपा के समय कोटा 24 लाख टन था अबकी बार मोदी सरकार ने 28 लाख टन खरीदी का कोटा दिया है।भुपेश जी केंद्र को बदनाम करना बन्द करे।

शासन ने बफर लिमिट बड़ा दिया। सिस्टम से सही समय मे DO और TO काट दिया जाय तो मंडियों में ज़ीरो शॉर्टेज होता है।लेकिन ये भूपेश सरकार DO नही काट रही है।पूरा धान खरीदी का सिस्टम बिगड़ दिया है। 2023 में कांग्रेस की भूपेश सरकार को सत्ता से बाहर फेकने का संकल्प लेकर आपसी मतभेद भूल कांग्रेस को चुनौती देना है।

ललकारने के अंदाज में पूर्व कलेक्टर ने कहा कि एफ आई आर जितना कर लो,चाहो तो कर्जा लेकर और एफ आई आर रजिस्टर खरीद लो,झूठे केस बनाकर जेल में भर दो,लेकिन किसानों के हितों में भाजपा के कार्यकर्ता विरोध करेंगे,धरना देंगे।कार्यकर्ताओ को कहा कि डरने की जरूरत नही है,भाजपा की सरकार बनने के बाद सबसे पहला काम कार्यकर्ता के ऊपर दर्ज केस वापस लेने की फ़ाइल में हस्ताक्षर होगा। ये उदगार भाजपा के प्रदेश मंत्री व पूर्व कलेक्टर ओ पी चौधरी ने विशाल धरना प्रदर्शन और किसान रैली में विधानसभा मुख्यालय लैलूंगा में मुख्य वक्ता के रूप में कही।

भारतीय जनता पार्टी प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार भारतीय जनता पार्टी विधानसभा लैलूँगा द्वारा विशाल धरना प्रदर्शन (किसान आंदोलन) एवं रैली का आयोजन किया गया। जिसमे गंगा जल की कसम खाकर वादा न निभाने वाले छत्तीसगढ़ सरकार के किसानों एवं छत्तीसगढ़ के जनता के प्रति वादा खिलाफी करने वाले भूपेश सरकार के विरुद्ध विशाल किसान आंदोलन एवं धरना प्रदर्शन में विधानसभा लैलूंगा के सभी मंडल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व मंत्री छ ग शासन सत्यानंद राठिया ने कहा कि गंगा जल जो कि पवित्र होता है उसको हाथ मे लेकर भुपेश अपवित्र कार्य कर रहे है।पहले सभी किसानों का बिना रकबा घटे पूरा धान खरीदी होता था लेकिन अब रकबा घटा दिया है।तीन दिन में धान का पेमेंट मिलता था लेकिन अब किसान पेमेंट के लिए भटक रहा है।सभा को पूर्व संसदीय सचिव छ ग शासन सुनीति राठिया, कार्यक्रम प्रभारी एवं जिला भाजपा उपाध्यक्ष आशीष ताम्रकर ,सह प्रभारी एवं भाजपा जिला मंत्री रत्थु गुप्ता, ,भाजपा जिला उपाध्यक्ष सतीश बेहरा,जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह,पूर्व जनपद अध्यक्ष शांता साय,सुषमा खोलखो ने भी संबोधित किया। भारतीय जनता पार्टी मंडल -लैलूंगा, राजपुर, मुकडेगा, तमनार, रोडोपाली एवं संबलपुरी के समस्त पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं एवं हजारों किसानों की उपस्थिति में धरना प्रदर्शन कर राज्यपाल के नाम अनुविभागीय अधिकारी लैलूँगा को ज्ञापन सौंपा गया।ज्ञापन सौपने के बाद जनपद पंचायत के सामने धरने पर बैठे पंचायत सचिव एवं रोजगार सहायक संघ से मुलाकात की।उसके बाद मंडी लैलूंगा में धरने पर बैठे कृषको से मुलाकात की।



अनुविभागिय अधिकारी को सौपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2018 में विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जन घोषणा जारी करते समय कांग्रेस के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व ने पवित्र गंगाजल की कसम खाकर प्रदेश के अन्नदाताओं से उनका दाता दाना धान खरीदन समेत अनेक वादे किये थे। परंतु सत्ता में आने के बाद कांग्रेस लगभग सभी वादों से मुकर गयी है। आज किसान स्वयं को ठगा हुआ असहाय महसूस कर रहा है। वे धान खरीदी के नाम पर प्रताड़ित हो रहे हैं। यहां तक की अन्नदाता चरम निराशा में आत्महत्या तक कर रहे हैं। इन सभी विसंगतियों पर भाजपा लगातार शासन का ध्यान आकृष्ट करने की कोशिश करती रही है। प्रदेश में लगातार आंदोलनों और प्रदर्शनों का क्रम भी जारी है। बावजूद इसके शासन इन तमाम मुद्दों से मूंह मौड़े खड़ी है।


ऐसे में छत्तीसगढ़ प्रदेश भारतीय जनता पार्टी आपसे निवेदन करती है कि निम्न विषयों हेतु कदम उठाने और किसानों के साथ सतत हो रहे अन्याय को रोकने प्रदेश की सरकार को निम्न बिन्दुओं पर निर्देशित करने का कष्ट करेंगी।


1. किसानों के धान का रकबा गिरदावरी के नाम पर काटा गया। करीब दो लाख एकड़ जमीन इस बहाने कम कर दिए गए हैं। तहसील कार्यालय में आवेदन तथा मुख्यमंत्री जी द्वारा जारी टोल फ्री नम्बर पर किये गये आवेदनों पर कार्यवाही नहीं की गई है और किसान मटक रहे हैं। रकबा कम होने से निराश हो कर भी किसान आत्महत्या कर रहे हैं। अतः वास्तविक रकबे पर ही उनकी उपज खरीदा जाना चाहिए।

 2. छत्तीसगढ़ सरकार ने बारदाना खरीदी हेतु अनुमानित संख्या 4.45 लाख गठान (500 बारदाना प्रति गदान) खरीदने हेतु समय से कदम नहीं उठाया जिसके कारण किसान परेशान हैं। कांग्रेस सरकार ने सदन में स्वीकार किया किया था कि उसके पास 1 लाख 15 हजार गठान बारदाने की कमी है। अब उसी कमी को बहाना बना कर सरकार धान नहीं खरीद रही है, साथ ही केंद्र सरकार के नाम सेको गुमराह कर रही है। यह बहानेबाजी बंद करे और बारयाने मी आपूर्ति सुनिश्चित करे। साथ ही बारदाने की कमी के कारण बड़ी संख्या में किसान अपना मान नहीं बेच पाए है, अतः धान गरीची: का समय एक माह बचाया जाय। विगत वर्ष किसानों से बारदाना लिया गया (वापसी की शती के साप) जिसे न तो आच तका पापस किया गया ना ही उसका कोई भुगतान किया गया, इसका भुगतान मी शीघ किये जायें।


३, कांग्रेस ने किसानों से न्यूनतम 2500/- प्रति की कीमत पर धान खरीदने का वादा किया था। परंतु पिछले वर्ष जिन किसानों ने धान बेचा था, उन्हें आजतक पूरी राशि नहीं मिली है। छोटे-छोटे किश्तों में प्राप्त राशि किसान के किसी काम का नहीं होता है। अता किसानों को पान की पूरी राशि 2500/ प्रति पिचंटल एवा साथ देना सुनिश्चित किया जाय। साथ ही पिछला बकाया भी शीघ्र दिए जायें। 4.2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने किसानों से यह वादा भी किया था कि उन्हें 300/-प्रति क्विंटल की दर से दो वर्षों को बोनस की राशि दिया जायेगा। आज छत्तीसगढ़ में कांग्रेस सरकार बने 2 वर्ष से अधिक होने के बाद भी राशि किसानों को प्राप्त है। अतः शीघ्र इस राशि का भुगतान भी किया जाय।

5. कांग्रेस सरकार आदिवासी क्षेत्र के वन अधिकार पट्टा प्राप्त किसानों से वादे के अनुसार धान खरीदी नहीं कर रही है। यह खरीदी भी प्रारंभ किये जायें।

6. प्रदेश के किसान लगातार आत्महत्या करने को विवश है। यह दुखद कम आज तक जारी है। आत्महत्या करने वाले ऐसे सभी दिवंगत के परिवार को 25-25 लाख रूपये की अगुग्रह राशि प्रदान किये जाये।

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