कोरोना काल में पैसे कमाने के चक्कर में जान जोखिम में ......... जाने पूरा मामला। ए एन न्यूज़ के साथ।

ए.एन.न्यूज़  से सूरज बेहरा के साथ भूपेंद्र विश्वाल। 


आप हो या कोई और इस कोरोना महामारी ने सब की कमर तोड़ दी है। हर किसी को कुछ न कुछ समस्या से गुजरना पड़ राहा है। लेकिन शासन प्रशासन के इतनी कड़ी कोशिशों के बाद भी कुछ लोग अपनी निजी स्वार्थ के लिए दुसरो की जान से खिलवाड़ करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। 
पूरा मामला रायगढ़  तमनार ब्लॉक के ग्राम नागरमुड़ा का है जहाँ तेंदूपत्ता का काला कारोबार देखने को मिला मिली जानकारी के अनुसार ग्राम नागरमुड़ा ओड़िसा से लगा हुआ होने के कारण कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा ग्रामीणों में बना हुआ है वही दूसरे तरफ गांव के पत्ता फड़ी मुंशी आलेख राम प्रधान द्वारा ओड़िसा के जमकानी से पत्ता तोड़वाकर अवैद्य रूप से लिया जा रहा है। 


पत्ता देने वालों से जब पूछा गया तो उनका जवाब *** हम लोग हर साल आलेख राम प्रधान को पत्ता देते है उसके बदले 400 प्रति सैकड़ा पैसा देता है। 
***  कुछ लोगो को पूछा गया तो  उनके पास  न कार्ड ,कॉपी नहीं था उनका कहना था की सीधा आलेख राम नोट करता है। 
खास बात तो ये है की छत्तीसगढ़ में पत्ता फड़ी है लेकिन पत्ता देने वाले जितने भी है वो सारे ओड़िसा के है। और न तो कोई मास्क पहना है और न तो कोई सोसल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा है। 


जब हमारी बात आलेख राम जी से हुआ और पूछा गया तो उनका जवाब धमाकेदार था *****
मजदुर तो मजदुर होते है चाहे ओड़िसा का रहे या छत्तीसगढ़ का उनको पूरा हक़ है कभी भी किसी भी जिला में जाकर पत्ता दे सकते है। 
**** लेकिन महासय जी को पता नहीं सायद की हमारे कलेक्टर महोदय द्वारा सभी बॉर्डर सिमा को सील किया गया है और हर जगह में कानून के बनाये नियमो का पालन करना अनिवार्य है ,तो इन आलेख राम प्रधान  को कहा से कानून तोड़ने का छूट मिल गया। 
जब सरपंच जी से पूछा गया तो उन्होंने साफ शब्द में कानून तोड़ने वाले के ऊपर कार्यवाही होने की मांग कही। 

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