कब तक सहन करना पड़ेगा फोकट का झमेला .........

सूरज बेहरा के साथ भूपेंद्र विश्वाल......... 

तमनार क्षेत्र में दिनों दिन बढ़ता जा रहा है सड़क दुर्घटना,आज फिर सुबह करीब 9:00 बजे लगभग खुरुषलेन्गा लमडांड गांव के पास एक तेज रफ़्तार से आ रही लोड़ ट्रेलर ने 3 मवेशियों को रौंदा जिसमे 1 की  हालत गंभीर है उसके तीनो पैर पूरी तरह से कुचलाया हुआ है और अन्य  2 को काफी चोटें आई है , गाड़ी की गति इतनी तेज और अनियंत्रित थी कि सड़क के किनारे खड़े 3 मवेशियों को ठोकर मारते हुए आगे पेड़ में जा टकराई गति इतनी तेज थी कि पेड़ भी जड़ से जा उखडा और गाड़ी आगे के पेड़ में जा अटकी ........ 


आखिर कब तक चलेगा ये मनमानी कही न कही जनता की खामोशी का फायदा उठा रहे है ये सब, 
प्रतिबंधित जगहों में लोड गाड़ियां चलाई जा रही है तो,कही दिख रहा बिना त्रिपाल ,बिना नंबरप्लेट के गाड़ी,जिस रोड में 10/20  के स्पीड में नहीं चल सकती उसमे बमफाड़ स्पीड से चल रहा गाड़ियाँ इसे देखने वाला कोई नहीं है कुछ हो जाता है तो कंपनी के चमचे पहुंच कर मुआवजा की बात शुरु कर देते है कम से कम उनको ये तो पता होना चाहिए की हर किसी चीज का मुआवजा देकर उसकी भरपाई नहीं की जा सकती उनके नियमो को सुधार करने की जरुरत है तभी ये सब सही हो पायेगा केवल पैसो से ही जीवन नहीं जी सकते जब कंपनी नहीं था तब भी तमनार क्षेत्रवासी जी रहे थे लेकिन  जब से ये दुनियाभर के कंपनीयां आई है तब से सभी परेशान है क्योकि खाने वाला खा रहा है और बाकि सब  बाबा जी का  ठुल्लू। 

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