समकेरा सरपंच जानकी राठिया द्वारा ग्रामीणों से किया जा रहा भेदभाव .......

सूरज बेहरा के साथ अमृत सिंह  ....... 

ग्राम पंचायत समकेरा के सरपंच जानकी राठिया द्वारा जो दुर्ब्यवहार मीडिया और जनता के साथ किया जा रहा है वह आश्चर्यजनक है पिछले दो सत्र से सरपंच रह चुके हैं लेकिन अभी तक जनता के हित में कोई भी कार्य नहीं किए हैं जिससे ग्रामीणों शिकायत पे शिकायत आ रही है अभी ग्राम समकेरा के आश्रित ग्राम रायपारा में 2017/18 स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत अपने घरों में शौचालय निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है लेकिन सरपंच सचिव द्वारा अभी तक बिल भुगतान नहीं किया गया है जिससे जनता बहुत नाराजगी जता रही है इस संबंध में ग्रामीणों द्वारा कलेक्टर महोदय एवं अन्य जगहों पर भी ज्ञापन सौंपा गया है लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही देखने को नहीं मिल रही है वहीं ग्रामीण पूरा परेशान क्योंकि कोई कर्ज लेकर तो कोई जेवर गिरवी रखकर अपना शौचालय बनाया है और उनको अभी तक उनके खाते में राशि जमा प्राप्त नहीं हुआ है इस संबंध में आज हम सरपंच श्रीमती जानकी राठिया एवं सचिव जयानंद सिदार जिसे बात करने के लिए पहुंचे तो उन्होंने साफ साफ मना कर दिया और कहा कि हम कोई बात नहीं करना चाहते मीडिया वालों से आप चले जाइए यहां से और वहां राशन ले रहे ग्रामीणों से पूछताछ करने से पता चला कि पहले मकान टैक्स जमा करो फिर चावल लेकर जाओ नहीं तो नहीं...





 मिलेगा इससे पहले भी सरपंच जानकी राठिया जी ने यही बात पहले भी कही थी की अगर शौचालय नहीं बनाए तो राशन कार्ड से नाम हटा दिया जाएगा जिसके डर में ग्रामीणों ने कर्ज करके गिरवी रखकर अपना शौचालय निर्माण किया सरपंच सचिव द्वारा बार-बार आकर आधार कार्ड एवं राशन कार्ड फोटो कॉपी पासबुक फोटो कॉपी लेकर कहते हैं कि 15 से 20 दिनों के बीच राशि भुगतान कर दिया जाएगा लेकिन आज 3 वर्ष हो जाने के बावजूद भी ग्राम वासियों को शौचालय निर्माण का भुगतान नहीं किया गया है अगर इसी प्रकार सरपंच अपना पद पाने से पहले कई वादे किए रहते हैं और अपना पद में जैसा ही आते ही अपना रंग बदल देते हैं ऐसा ही चलता रहा तो सारे सरपंचों पर से भरोसा उठ जाएगा देखने लायक तो बात यह है कि ग्रामीणों को कब उनका हक दिलाया जाएग या फिर चक्कर पर चक्कर करते रहेंगे

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